सादगी और ईमानदारी का ढोंग करने वाले कई नेता भारत ने देखे हैं, परन्तु यह गुण पर्रीकर के खून में ही है, उसमें रत्ती भर का भी ढोंग या पाखण्ड नहीं है। गोवा में ऐसे कई लोग मिलेंगे जिन्होंने अनेक बार सुबह छः बजे किसी ठेले पर चाय पीते अथवा रात ग्यारह बजे किसी सामान्य से रेस्टोरेंट में अकेले खड़े नाश्ता करते हुए मनोहर पर्रीकर को देखा है। मुख्यमंत्री रहते हुए भी पर्रीकर कभी भी शासकीय आवास में नहीं रहे, और शासकीय गाड़ी का उपयोग भी आवश्यकता होने पर ही करते रहे। वे अपने बड़े बेटे के साथ 2BHK के उस फ़्लैट में रहते थे, जिसकी EMI वे 2017 तक भरते रहे।