पाकिस्तान में हिन्दुओं के खिलाफ एक अपमानजनक टिपण्णी के कारण पीएम इमरान खान ने एक मंत्री को पद से बर्खाश्त कर दिया. हवाई हमले के दौरान गिरफ्तार भारतीय पायलट अभिनन्दन को इम्राज खान ने रिहा करने के आदेश …ऐसी ख़बरें भारत के लिए आश्चर्यजनक तो है ही लेकिन इससे कट्टर पकिस्तान के पीएम इमरान खान ने अपना एक उदारवादी चेहरा दुनिया के सामने पेश किया .भला ही ये एक कूटनीति हो लेकिन इसे पाकिस्तानी बिसात की एक सफल चाल माना जा सकता है .सुर्ख़ियों के सरताज में आज हम बात करते हैं इमरान खान की…. जानिये इमरान खान के बारे में ख़ास बातें …

पूर्व क्रिकेटर इमरान खान के जन्मदिन की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति है। अगर इंटरनेट पर इमरान खान के विकीपीडिया पेज पर गौर करें तो इमरान खान का जन्म 5 अक्टूबर साल 1952 में हुआ था। जबकि इमरान खान के आधिकारिक रिकॉर्ड जैसे राष्ट्रीय पहचान पत्र आदि पर उनके जन्म की तारीख 25 नवंबर दर्ज है।

अपने स्कूली दिनों के दौरान इमरान खान एक पेड़ पर चढ़ने के दौरान फिसल गए थे। डाल पर चढ़ते हुए चोट लगने से इमरान का हाथ टूट गया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। तब से हमेशा इमरान का बायां हाथ उनके लिए परेशानी का सबब बना रहा। गेंदबाजी के दौरान तो इमरान खान को कुछ मुश्किल नहीं हुई लेकिन बल्लेबाजी के लिए उन्हें लगातार बल्ला पकड़ने का अभ्यास करना पड़ता था।

इमरान खान ने 9 साल की उम्र से ही टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। जब वह ओक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में छात्र थे तभी इमरान का चयन पाकिस्तान क्रिकेट टीम में हो गया था हालांकि उन्हें संघर्ष भी करना पड़ा। पहले मैच के बाद दूसरे के लिए उन्हें तीन साल इंतजार करना पड़ा और दूसरे के बाद पांचवें के लिए और 2 साल इंतजार करना पड़ा। साल 1976 से उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट में पहचान मिलनी शुरू हुई।

वह 1982 से दस साल तक लगातार पाकिस्तानी टीम के कप्तान भी रहे। उनके नेतृत्व में ही पाकिस्तानी टीम 1992 में क्रिकेट व‌र्ल्ड कप जीती थी साल 1992 में हुए विश्वकप के दौरान इमरान खान ने पाकिस्तानी टीम की कमान संभाली थी। इसी विश्वकप के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट का विश्वविजेता भी बना था।इमरान खान ने साल 1987 में हुए विश्वकप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। उस समय के पाकिस्तानी आर्मी जनरल ने उनसे वापसी करके टीम का कप्तान बनने की बात कही थी और इमरान खान ने उनकी बात मान भी ली। उनका यह फैसला पाकिस्तानी क्रिकेट के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।


साल 2004 में इमरान खान को बंदूक की नोक पर लूट लिया गया था। यह घटना उनके साथ राजधानी इस्लामाबाद में हुई थी। जब इमरान खान अपने दो बच्चों और नौकरानी के साथ थे तो इस्लामाबाद में कुछ ऑटोमेटिक हथियारधारी लोगों ने उनका पर्स, क्रेडिट कार्ड, एक कैमरा और मोबाइल लूट लिया था।
आतंकियों पर कार्रवाई को लेकर इमरान खान पाकिस्तान सरकार के खिलाफ खड़े होते रहे हैं। वह पाकिस्तानी नागरिकों को मारने के खिलाफ थे। इस वजह से इमरान खान को तालिबान खान भी कहा जाने लगा था। वह अपनी निजी जिंदगी, पत्नियों और रेहम खान के बयानों के बाद भी विवादों में रह चुके हैं।

2011 में इमरान खान को जिन्ना अवार्ड मिला। 2012 में ग्लोबल पोस्ट ने उन्हें शीर्ष नौ विश्व नेताओं की सूची में तीसरा स्थान दिया।

अब इमरान खान पकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं.पूरा पाकिस्तान उनकी तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है .देखते हैं इमरान खान इन उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाते हैं ….